विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस 

        हर वर्ष 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा ऑटिज़्म से प्रभावित बच्चों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीलीबावड़ी में भी इस अवसर पर विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को ऑटिज़्म के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ऑटिज़्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरो-विकासात्मक स्थिति है, जिसमें बच्चे का व्यवहार, संचार और सामाजिक सहभागिता थोड़ा अलग हो सकता है।

विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को यह समझाया कि ऐसे बच्चों को सहानुभूति नहीं, बल्कि समझ और सहयोग की आवश्यकता होती है। “अलग हैं, लेकिन कम नहीं” — इस संदेश के साथ बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के प्रत्येक बच्चे का सम्मान करें और उन्हें अपनापन दें।

इस अवसर पर पोस्टर निर्माण एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग-बिरंगे पोस्टरों के माध्यम से उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि हर बच्चा विशेष है और सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) ही एक सशक्त समाज की नींव है। जब हम हर बच्चे को स्वीकार करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में शिक्षा का उद्देश्य पूरा होता है।

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस हमें यह सिखाता है कि विविधता ही हमारी ताकत है। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर बच्चा सुरक्षित, सम्मानित और समर्थ महसूस करे।

– राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीलीबावड़ी

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